Saturday, 1 December 2012

सोनपुर मेले में हाथी खरीद-बिक्री की रोक पर और सख्ती


पटना : एशिया के सबसे बड़े पशु मेले सोनपुर में हाथी की खरीद बिक्री नहीं होगी। दान की आड़ में भी उनकी बिक्री पर स्वामित्व प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा।
मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक डीके शुक्ला ने जिलाधिकारी वैशाली और डीएफओ को पत्र लिखकर किसी भी स्थिति में सोनपुर मेले में हाथी की खरीद बिक्री नहीं होने देने का निर्देश दिया है।
शुक्ला ने कहा कि पहले लोग दान देकर स्वामित्व प्रमाण पत्र ले लेते थे। अब इस पर भी रोक लगा दी गयी है। एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि सोमवार को मेले की पूर्व संघ्या तक यहां मात्र दस हाथी आए हैं। वह भी बिहार के हैं। उन्होंने बताया कि वन्य प्राणी अधिनियम 2003 के तहत हाथियों की खरीद बिक्री पर रोक लगायी गयी है। खरीद बिक्री पर रोक के चलते इस वर्ष असम सहित अन्य राज्यों से हाथी लाने का प्रयास नही हुआ।
बताते चलें कि हाथी सोनपुर मेला के आकर्षण का केन्द्र रहता था। यहां एक सौ से 150 तक हाथी आते थे। राज्य में करीब 70 हाथी हैं। लेकिन सोमवार की शाम तक मात्र दस हाथी यहां पहुंचे। सोनपुर मेले में आए हाथियो को नियंत्रित करने का जिम्मा संजय गांधी जैविक उद्यान टीम को दिया गया है। मेला में वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट हाथियों के स्वास्थ्य जांच के लिए शिविर लगा रहा है।

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