काइरो। मिस्त्र में राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन वह इससे बेअसर हैं। न्यायिक शक्तियां अपने हाथ में रखने पर अड़े मुर्सी के राजधानी काइरो के ऐतिहासिक तहरीर चौक पर पांचवें दिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को भी झड़पें हुईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसा में मुस्लिम ब्रदरहुड का एक समर्थक मारा गया और सैकड़ों घायल हो गए। प्रदर्शनकारी मुर्सी से अपना फैसला वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
ताजा प्रदर्शन मुर्सी की जजों के साथ एक दिन पहले ही हुई बैठक के बाद बढ़े हैं। यह बैठक बेनतीजा रही थी। इसके बाद हजारों लोग गलियों में उतर आए। मिस्त्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेक्जेंड्रिया में भी प्रदर्शन बढ़ते जा रहे हैं।
राष्ट्रपति के प्रवक्ता यासर अली ने कहा कि मुर्सी की ओर से जारी शासनादेश में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुर्सी ने सोमवार को जजों के साथ हुई बैठक में कहा था कि उन्होंने अपने अधिकारों के भीतर रहते हुए ही खुद को न्यायपालिका से ऊपर रखा है। इससे नाराज शीर्ष न्यायिक परिषद के सदस्यों ने कहा कि उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
22 नवंबर को जारी मुर्सी के इस विवादास्पद शासनादेश को सुप्रीम कोर्ट ने लोकतंत्र और न्याय पालिका पर हमला बताया था। इसके मुताबिक न्याय पालिका को राष्ट्रपति द्वारा लिए गए किसी भी फैसले को पलटने का हक नहीं होगा।
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