इस्लामाबाद। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री रहे लार्ड गिलबर्ट ने पाकिस्तान की सीमा पर न्यूट्रान बम के धमाके करने की सलाह देकर हाउस ऑफ लार्ड्स में सनसनी फैला दी। ब्रिटिश संसद के उच्च सदन में वह पाकिस्तान के कबायली क्षेत्र से आतंकवादियों की अफगानिस्तान में आवाजाही रोकने का उपाय सुझा रहे थे। उनका तर्क था कि न्यूट्रान बम के इस्तेमाल से पाकिस्तान-अफगानिस्तान के दुर्गम पहाड़ों वाले सीमावर्ती क्षेत्र इस कदर अभेद्य बन जाएंगे, जिससे दहशतगर्द उसे लांघ नहीं पाएंगे। इससे नाटो और ब्रिटिश सेना को दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों की रखवाली के झंझट से भी मुक्ति मिल जाएगी।
पाकिस्तानी अखबार 'द नेशन' में गिलबर्ट के हाउस ऑफ लार्ड्स में दिए गए भाषण का पूरा ब्योरा छपा है। बहु स्तरीय परमाणु अप्रसार पर उच्च सदन में बहस के दौरान गिलबर्ट ने कहा कि न्यूट्रान बम के धमाके से सीमा सुरक्षा की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। उनका कहना था कि न्यूट्रान बम के एक संविर्द्धत विकिरण हथियार होने के कारण यह उन दुर्गम क्षेत्रों को तहस-नहस कर सकते हैं, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी वारदात को अंजाम देने के बाद अपनी पनाहगाह तक पहुंचने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि यह बम एक निश्चित क्षेत्र तक ही अपना असर छोड़ता है, लेकिन जिस स्थान पर इससे धमाका किया जाता है, वहां के बुनियादी ढांचे को गहरी खाइयों में तब्दील कर सकता है। गिलबर्ट के अनुसार दुनिया में ऐसे कई दुर्गम स्थान हैं, जिनका आतंकवादी इस्तेमाल करते हैं। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा का उदाहरण देते हुए ब्रिटिश सांसद का कहना था कि उक्त पहाड़ी क्षेत्र में कुछ बकरियों के अलावा कोई नहीं रहता, लिहाजा वहां पर न्यूट्रान बम से धमाका कर उसे और दुर्गम बनाने में कोई हर्ज नहीं है। धमाके के बाद पहाड़ी सीमावर्ती क्षेत्र ऐसा दुर्गम बन जाएगा कि वहां कोई आतंकवादी फटकने की भी हिम्मत नहीं कर सकेगा। लेकिन गिलबर्ट की इस राय को हाउस ऑफ लार्ड्स में दूसरे सदस्यों का समर्थन नहीं मिला। पूर्व रक्षा मंत्री लार्ड ब्राउन ने उनकी दलीलों की खिल्ली उड़ा दी। अन्य सदस्यों ने भी कहा कि हम परमाणु अप्रसार के लिए प्रतिबद्ध हैं, इस तरह की दलीलों के लिए ब्रिटेन में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
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