Monday, 26 November 2012

बैंड बज गया लेकिन माही का पुराना राग जारी


मुंबई। फिरकी के लिए उपयोगी पिच की मांग करने वाले कप्तान धौनी ने मुंबई टेस्ट के बाद सीधे तौर पर अपने फिरकी गेंदबाजों को ही मुंबई की करारी हार का विलेन बताया। माही के मुताबिक उनके स्पिनर पिच का फायदा नहीं उठा सके और इसी वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन हैरानी तब हुई जब कप्तान साहब ने एक बार फिर फिर राग अलापते हुए कोलकाता में ठीक मुंबई जैसी पिच की ही मांग कर डाली।
मुंबई में जिस पिच पर टीम इंडिया के स्पिनर कुछ खास नहीं कर सके, उसी पिच पर इंग्लिश स्पिनरों ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच को एकतरफा कर दिया। पहली पारी में पनेसर और स्वान ने मिलकर नौ विकेट चटकाए जबकि दूसरी पारी में दोनों ने मिलकर पूरी भारतीय टीम को ही समेट डाला। अपनी हार से आहत और अपने पुराने बयानों से दबाव में दिखने वाले टीम इंडिया के कप्तान धौनी ने मैच के बाद कहा, 'जाहिर तौर पर मैच एकतरफा रहा। मोंटी ने शानदार गेंदबाजी की। पिच पर सभी को स्पिन नसीब हुई लेकिन मोंटी ने बल्लेबाजों को आगे पैर निकाल कर खेलने को मजबूर कर दिया। एक हद तक हां, मैं अपने स्पिनरों से बेहद निराश हूं। हमने इंग्लिश बल्लेबाजों को पीछे हटकर बैकफुट पर खेलने की छूट दी जबकि हम उन्हें फ्रंटफुट पर आने के लिए मजबूर कर सकते थे।' धौनी ने अहमदाबाद टेस्ट के बाद जीत के बावजूद पिच पर स्पिन ना होने की बात को तूल दिया था और जब मुंबई में भारत को बेहतरीन स्पिन ट्रैक मिला तो गेंदबाज फायदा नहीं उठा सके और धौनी के सारे दावे धरे के धरे रह गए। धौनी इस बात को लेकर भी स्थिति का हवाला देने से नहीं चूके और कहा कि अचानक स्थिति में बदलाव में हम ढल नहीं सके। माही ने कहा कि दो दिग्गज टीमों के बीच मुकाबले टक्कर के ही होते हैं और अगले दो मैच अहम होंगे लेकिन असल हैरत तब हुई जब अपने बयान से एक बार धोखा खाने के बाद धौनी ने फिर उसी मांग को दोहरा डाला है। माही ने मांग की है कि वह तीसरे टेस्ट में कोलकाता में भी ऐसी ही टर्निग टै्रक चाहते हैं। माही ने कहा, 'हां बिल्कुल, हम कोलकाता में भी मुंबई जैसी पिच ही चाहते हैं, आखिर हमारी खासियत भी तो यही है। पाटा विकेटों पर खेलकर, टास जीतकर तीन चार दिन बल्लेबाजी करने का क्या फायदा है। टेस्ट क्रिकेट में आप चुनौतियों का सामना करना चाहते हैं और मुंबई जैसी पिचें ही आपको ऐसी चुनौतियों से निपटने का मौका देती हैं। हर जगह ऐसी ही पिचें होनी चाहिए। हम कोलकाता में भी बिल्कुल उप-महाद्वीप वाली पिच चाहते हैं जहां पहले दिन से ही टर्न मिले और टास का कोई अहम किरदार ना रह जाए ताकि जो अच्छा खेले, वही जीते। ऐसी पिचों की मांग मैं इसलिए ही करता हूं क्योंकि इनमें जीत किसी की निश्चित नहीं होती है, हारने का गम जरूर होता है लेकिन इन पिचों पर जो अच्छा खेलता है वही जीतता है।'
अंग्रेजों के कप्तान कुक ने चुटकी लेते हुए कहा कि वह बेहद खुश हैं और भूल चुके हैं कि वह इस मैच में टास हारने के गम को भुला चुके हैं। दरअसल, स्पिन के लिए उपयोगी पिच पर भी धौनी ने टास जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने वाला फैसला लिया था जिसने सबको हैरत में डाल दिया था। कुक ने कहा, 'मैं अपने खिलाड़ियों का श्रेय बिल्कुल नहीं छीन सकता। खासतौर पर गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। मैं टास जीत भी सकता था लेकिन सब अच्छे के लिए हुआ और जिस तरह पहले दिन हमारे फिरकी गेंदबाजों ने प्रदर्शन दिया वह काबिलेतारीफ रहा। वहीं, केविन पीटरसन जैसे खिलाड़ी को आपको कभी कुछ समझाने या कहने की जरूरत नहीं पड़ती, मैंने बस एक छोर पर खड़े होकर उसके खेल का आनंद लिया। मोंटी पनेसर व स्वान ने जैसी गेंदबाजी की वह भी अद्भुत थी। पिछले दो हफ्तों में हमने काफी उतार-चढ़ाव देख लिए हैं।'

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