मुंबई। मुंबई टेस्ट के तीसरे दिन भी इंग्लैंड का ही दबदबा रहा। पहली पारी में 86 रनों की बढ़त हासिल करने के बाद इंग्लैंड ने भारत को दूसरी पारी में तीसरा दिन खत्म होने से पहले ही स्पिनरों के दम पर सात करारे झटके दे दिए। सहवाग, पुजारा, सचिन, कोहली, युवराज, कप्तान धौनी व अश्विन पवेलियन लौट चुके हैं। भारत ने अपने ऊपर चढ़ी लीड तो उतार दी है लेकिन 117 रन पर 7 विकेट खोकर उन्होंने अपनी राह को बेहद मुश्किल बना दिया है। वहीं, इंग्लैंड इस मैच में जीत की अपनी उम्मीदों को बढ़ाता नजर आ रहा है।
भारत की दूसरी पारी में मोंटी पनेसर ने वीरेंद्र सहवाग [9] को स्वान के हाथों कैच आउट कराया जबकि स्वान ने बैरिस्टो के हाथों इन फार्म बल्लेबाज पुजारा [6] को कैच करा दिया। सचिन तेंदुलकर [8] भी फिर असफल रहे और पनेसर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। कुछ देर तक विराट कोहली ने गौतम गंभीर का साथ देने की कोशिश जरूर की लेकिन वह भी अपना विकेट नहीं बचा सके और स्वान ने कोहली [7] को सबस्टिट्यूट खिलाड़ी जेई रूट के हाथों कैच आउट कराया और भारत को चौथा झटका लगा। उम्मीद थी कि युवी शायद टीम इंडिया को संभाल लें लेकिन यह भी नहीं हो सका और युवराज सिंह [8] भी पनेसर की गेंद पर चलते बने। दिन का खेल खत्म होने से पहले उम्मीद थी भारत और कोई विकेट नहीं खोएगा लेकिन एक छोर पर टिके गंभीर का साथ कप्तान धौनी [6] भी नहीं दे सके और उनको भी पनेसर ने स्लिप पर कैच कराते हुए भारत को छठा झटका दिया। इसके कुछ देर बाद अश्विन [11] भी पनेसर का शिकार हुए और भारत को दिन का खेल खत्म होने तक सातवां झटका भी लग गया। अकेले गंभीर [नाबाद 53] ही इस पारी में टिके हैं लेकिन यह भी उतना ही सच है उनकी यह पारी साथी बल्लेबाजों ने पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। भारत के पास अब तीन विकेट बचे हैं और उनके पास महज 31 रन की ही बढ़त है।
इससे पहले दूसरे दिन इंग्लिश पारी की शुरुआत में काम्पटन और कुक की सलामी जोड़ी ने आराम से खेलते हुए टीम को बिना किसी नुकसान 50 के स्कोर के पार पहुंचा दिया था लेकिन 66 के स्कोर पर काम्पटन [29] और 68 के स्कोर पर जानाथन ट्राट [0] ओझा की फिरकी का शिकार हुए और इंग्लैंड को दो करारे झटके लगे। इसके बाद पीटरसन पिच पर आए और उन्होंने अपने कप्तान का भरपूर साथ दिया। तीसरे दिन एलिएस्टर कुक शतक जमाने के बाद 120 रन बनाकर अश्विन का शिकार हुए लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। हालांकि तीसरे दिन लंच से ठीक पहले ओझा की एक शानदार गेंद पर जोनी बैरिस्टो कैच आउट हो गए लेकिन लंच के बाद भी पीटरसन का कहर जारी रहा। फिर ओझा का जादू एक बार और चला, पहले उन्होंने अपनी फिरकी के जरिए स्लिप पर समित पटेल [26] को कैच आउट कराया और देखते-देखते दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे पीटरसन [186] को भी ढेर कर दिया। ओझा ने पहले टेस्ट में भी नौ विकेट झटके थे और मुंबई में भी उनका जलवा जारी रहा। चायकाल से पहले भारतीय गेंदबाजों ने फिर लय पकड़ी और पीटरसन के आउट होने के बाद फटाफट इंग्लिश टीम को 413 रन के अंदर समेट दिया। इस दौरान भज्जी और अश्विन ने भी दो-दो विकेट झटके। इंग्लैंड के पास पहली पारी से 86 रनों की बढ़त रही।
इससे पहले मुंबई टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने टास जीतकर इंग्लैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था लेकिन टास जीतकर स्पिन के लिए फायदेमंद पिच पर धौनी के बल्लेबाजी के फैसले को देख सभी हैरत में पड़ गए क्योंकि भारत की उम्मीदों को नजर में रखते हुए टर्रि्नग ट्रैक बनाया गया था लेकिन इसका पूरा फायदा इंग्लैंड को ही मिलता दिखा। मुंबई टेस्ट की शुरुआत में पहले दिन के 266/6 के भारत के स्कोर को आगे बढ़ाते हुए पहले दिन के शतकवीर चेतेश्वर पुजारा और अर्धशतक जड़ने वाले रविचंद्रन अश्विन ने दूसरे दिन कुछ देर तक संघर्ष जारी रखा था लेकिन 68 रन बनाकर अश्विन पवेलियन लौटे और वह पनेसर का शिकार हुए जिनको इसके साथ ही पारी में पांच विकेट हुए थे। पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों खासतौर पर फिरकी गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था लेकिन उसके बावजूद पुजारा व अश्विन के अच्छे प्रदर्शन ने टीम इंडिया को 300 के स्कोर के पार पहुंचा दिया। पुजारा ने आउट होने से पहले 135 रन बनाए। आल आउट होने से पहले भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। पनेसर को पांच व स्वान को 4 विकेट हासिल हुए।
भारत की दूसरी पारी में मोंटी पनेसर ने वीरेंद्र सहवाग [9] को स्वान के हाथों कैच आउट कराया जबकि स्वान ने बैरिस्टो के हाथों इन फार्म बल्लेबाज पुजारा [6] को कैच करा दिया। सचिन तेंदुलकर [8] भी फिर असफल रहे और पनेसर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। कुछ देर तक विराट कोहली ने गौतम गंभीर का साथ देने की कोशिश जरूर की लेकिन वह भी अपना विकेट नहीं बचा सके और स्वान ने कोहली [7] को सबस्टिट्यूट खिलाड़ी जेई रूट के हाथों कैच आउट कराया और भारत को चौथा झटका लगा। उम्मीद थी कि युवी शायद टीम इंडिया को संभाल लें लेकिन यह भी नहीं हो सका और युवराज सिंह [8] भी पनेसर की गेंद पर चलते बने। दिन का खेल खत्म होने से पहले उम्मीद थी भारत और कोई विकेट नहीं खोएगा लेकिन एक छोर पर टिके गंभीर का साथ कप्तान धौनी [6] भी नहीं दे सके और उनको भी पनेसर ने स्लिप पर कैच कराते हुए भारत को छठा झटका दिया। इसके कुछ देर बाद अश्विन [11] भी पनेसर का शिकार हुए और भारत को दिन का खेल खत्म होने तक सातवां झटका भी लग गया। अकेले गंभीर [नाबाद 53] ही इस पारी में टिके हैं लेकिन यह भी उतना ही सच है उनकी यह पारी साथी बल्लेबाजों ने पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। भारत के पास अब तीन विकेट बचे हैं और उनके पास महज 31 रन की ही बढ़त है।
इससे पहले दूसरे दिन इंग्लिश पारी की शुरुआत में काम्पटन और कुक की सलामी जोड़ी ने आराम से खेलते हुए टीम को बिना किसी नुकसान 50 के स्कोर के पार पहुंचा दिया था लेकिन 66 के स्कोर पर काम्पटन [29] और 68 के स्कोर पर जानाथन ट्राट [0] ओझा की फिरकी का शिकार हुए और इंग्लैंड को दो करारे झटके लगे। इसके बाद पीटरसन पिच पर आए और उन्होंने अपने कप्तान का भरपूर साथ दिया। तीसरे दिन एलिएस्टर कुक शतक जमाने के बाद 120 रन बनाकर अश्विन का शिकार हुए लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। हालांकि तीसरे दिन लंच से ठीक पहले ओझा की एक शानदार गेंद पर जोनी बैरिस्टो कैच आउट हो गए लेकिन लंच के बाद भी पीटरसन का कहर जारी रहा। फिर ओझा का जादू एक बार और चला, पहले उन्होंने अपनी फिरकी के जरिए स्लिप पर समित पटेल [26] को कैच आउट कराया और देखते-देखते दोहरे शतक की ओर बढ़ रहे पीटरसन [186] को भी ढेर कर दिया। ओझा ने पहले टेस्ट में भी नौ विकेट झटके थे और मुंबई में भी उनका जलवा जारी रहा। चायकाल से पहले भारतीय गेंदबाजों ने फिर लय पकड़ी और पीटरसन के आउट होने के बाद फटाफट इंग्लिश टीम को 413 रन के अंदर समेट दिया। इस दौरान भज्जी और अश्विन ने भी दो-दो विकेट झटके। इंग्लैंड के पास पहली पारी से 86 रनों की बढ़त रही।
इससे पहले मुंबई टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने टास जीतकर इंग्लैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था लेकिन टास जीतकर स्पिन के लिए फायदेमंद पिच पर धौनी के बल्लेबाजी के फैसले को देख सभी हैरत में पड़ गए क्योंकि भारत की उम्मीदों को नजर में रखते हुए टर्रि्नग ट्रैक बनाया गया था लेकिन इसका पूरा फायदा इंग्लैंड को ही मिलता दिखा। मुंबई टेस्ट की शुरुआत में पहले दिन के 266/6 के भारत के स्कोर को आगे बढ़ाते हुए पहले दिन के शतकवीर चेतेश्वर पुजारा और अर्धशतक जड़ने वाले रविचंद्रन अश्विन ने दूसरे दिन कुछ देर तक संघर्ष जारी रखा था लेकिन 68 रन बनाकर अश्विन पवेलियन लौटे और वह पनेसर का शिकार हुए जिनको इसके साथ ही पारी में पांच विकेट हुए थे। पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों खासतौर पर फिरकी गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को तहस नहस कर दिया था लेकिन उसके बावजूद पुजारा व अश्विन के अच्छे प्रदर्शन ने टीम इंडिया को 300 के स्कोर के पार पहुंचा दिया। पुजारा ने आउट होने से पहले 135 रन बनाए। आल आउट होने से पहले भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाए थे। पनेसर को पांच व स्वान को 4 विकेट हासिल हुए।
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