Tuesday, 27 November 2012

कांग्रेस ने उछाला आपका पैसा आपके हाथ का नारा


ई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। चुनावी तैयारियों के बीच साख बनाने में जुटी कांग्रेस ने सामाजिक एजेंडा आगे बढ़ाकर दो हजार नौ लोकसभा चुनावों जैसा उलटफेर करने की कोशिशें तेज कर दी हैं। मनरेगा के सहारे दोबारा सत्ता में आने में कामयाब रही [संप्रग सरकार] सीधे नगदी हस्तांतरण कैश ट्रांसफर) योजना के सहारे तीसरी बार दिल्ली में परचम फहराने की कोशिश में है। अगले साल पहली जनवरी से देश के 51 जिलों में शुरू होने जा रही इस योजना को अपनी फ्लैगशिप योजना बताकर कांग्रेस ने 'आपका पैसा आपके हाथ' का नारा भी बुलंद कर दिया है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मंत्रियों की मैराथन बैठक के बाद औपचारिक रूप से इस योजना की घोषणा के दूसरे ही दिन दो शीर्ष मंत्रियों- पी. चिदंबरम और जयराम रमेश ने कांग्रेस मुख्यालय में इस मुद्दे पर प्रेसवार्ता की। दोनों ही मंत्रियों ने आधार कार्ड के जरिये आम या गरीब आदमी व पात्रों को मिलने वाली आर्थिक सहायता में क्रांतिकारी परिवर्तन का दावा किया। चुनावी तैयारियों के संकेत देते हुए चिदंबरम ने इसे न केवल संप्रग-दो की 'गेमचेंजर' योजना करार दिया बल्कि यह दावा भी किया कि इससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होने के साथ ही लोगों को निर्बाध आर्थिक सहायता मिल सकेगी। वित्त मंत्री के अनुसार 1 जनवरी का दिन हिंदुस्तान की तारीख में ऐतिहासिक दिन होगा, जिस दिन यह योजना 18 राज्यों के 51 जिलों में लागू होगी। जून-जुलाई से पूरे देश में योजना लागू कराने की तैयारी है।

इस मुहिम को चुनावी नारे की शक्ल देते हुए जयराम रमेश ने कहा कि यह 'आपका पैसा आपके हाथ' योजना है। इसमें गरीबों का पैसा सिर्फ उनके खाते में नहीं, बल्कि हाथों में पहुंचाया जाएगा। सीधे करोड़ों लोगों के खातों में रुपये पहुंचाने की इस योजना का सियासी फायदा उठाने की कांग्रेस की तैयारी के संकेत भी उन्होंने दिए। रमेश ने कहा कि पहले चरण में जिन 51 जिलों में यह योजना लागू होनी है, उसके कांग्रेस जिला अध्यक्षों की दिल्ली में बैठक बुलाई जा रही है। इसमें कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी होंगे और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी उन्हें इसके बारे में समझाएंगे।

विपक्ष की तरफ से इस योजना की खामियां गिनाए जाने या इसे वोट के लिए रिश्वत करार दिए जाने के आरोप को चिदंबरम ने बकवास करार दिया। हालांकि, जयराम रमेश ने इसे कांग्रेस नेतृत्व का सियासी फैसला माना। उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव का कांग्रेस का घोषणापत्र दिखाते हुए कहा कि 'कांग्रेस एक राजनीतिक दल है, कोई एनजीओ नहीं। हमने घोषणापत्र में जो वादा दिया था, उसे पूरा करना हमारा फर्ज है।' रमेश ने कहा कि सिर्फ बैंक से ही नहीं, बल्कि 25 लाख स्वयं महिला सहायता समूहों, 14 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं या फिर 8.60 लाख आशा कार्यकर्ताओं और अन्य समूहों की सेवाएं भी ली जाएंगी।

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